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लाइव अलर्ट: "डिजिटल अरेस्ट" कॉल: कोई एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ़्तारी नहीं करती
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माता-पिता और दादा-दादी के लिए डिजिटल सुरक्षा चेकलिस्ट

लेखक: CyberNewsShield Editorial Desk 3 मिनट पढ़ें प्रकाशित अद्यतन

ठग बुज़ुर्गों को निशाना बनाते हैं क्योंकि वे विनम्र, भरोसेमंद और कॉल के समय अक्सर अकेले होते हैं। परिवार की साझा दिनचर्या सबसे मज़बूत बचाव है।

साथ बैठकर तय करें

  1. रुकने का नियम। पैसे, गिरफ़्तारी या "ब्लॉक" से जुड़ा कोई भी कॉल आए तो दस मिनट रुकें और परिवार के किसी सदस्य को फ़ोन करें।
  2. OTP, PIN या CVV कभी नहीं, किसी को नहीं, "बैंक" को भी नहीं।
  3. ज़रूरी नंबर सेव रखें: बैंक हेल्पलाइन, 1930 और परिवार के दो संपर्क, होम स्क्रीन पर।
  4. UPI और कार्ड पर लेन-देन की सीमा सुविधाजनक दैनिक रकम तक रखें।
  5. हर डेबिट पर SMS और ऐप में अलर्ट चालू रखें।
  6. ऐप सिर्फ़ आधिकारिक स्टोर से इंस्टॉल करें, चैट में आए लिंक या APK से कभी नहीं।
  7. "किसी रिश्तेदार" की ओर से इमरजेंसी पैसों की माँग के लिए परिवार का कोड शब्द रखें।
  8. मदद जल्दी माँगें। जल्दी रिपोर्ट करना कभी शर्म की बात नहीं।
इसे अविश्वास नहीं, टीम की दिनचर्या की तरह समझाएँ। लक्ष्य डर नहीं, आत्मविश्वास है।

वरिष्ठ नागरिक मार्गदर्शन और सहायता के लिए एल्डरलाइन 14567 पर भी कॉल कर सकते हैं।

स्रोत

हम अपने शब्दों में सार देते हैं और मूल स्रोतों के लिंक जोड़ते हैं।

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